मुहर्रम का दसवां दिन सबसे खास मन जाता है 

मुहर्रम के दिन इस्लाम के सिया समुदाय के लोग ताजिया निकालकर मातम मानते है

जिस स्‍थान पर इमाम हुसैन का मकबरा बना है

स जुलूस में मुस्लिम लोग पूरे रास्‍ते भर मातम मनाते हैं

साथ में यह भी बोलते हैं, या हुसैन, हम न हुए

यह कहते हुए लोग मातम मनाते हैं

कर्बला की जंग में हुसैन हम आपके साथ नहीं थे

वरना हम भी इस्‍लाम की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दे देते।